अगर देश में रहना है तो समोसा खाना पड़ेगा

पिज्जों की बढ़ती माँग के कारण समोसों की माँग में भारी गिरावट देखने को मिली है. जिससे समोसा बेंचने वालों के रोजगार पर भारी असर पड़ा है. समोसों के खरीददार नहीं होने की वजह से कई लोगो ने अपना दुकान-दऊरी बंद करने का फैसला लिया. समोसों की दुकान बंद होने के कारण कई पुलिस वाले भी सदमे में हैं.

उपरोक्त बात सुन कर कई लोग हैरान हो सकते हैं मगर सड़क किनारे समोसों का ठेला कई पुलिस वालों के उपरी आमदनी कई गंगोत्रियों में एक है, जब जब गंगोत्री सूखने लगे तो चिंता होनी स्वाभाविक है. भले हि असली गंगोत्री, जिससे गंगा निकलती है के सूखने से या गंगा के प्रवाह के कम पड़ने से उनको फरक नहीं पड़ता हो, मगर मगर समोसा के ठेला से होने वाली आमदनी की गंगोत्री सूखने पर रात की नींद और दिन की ड्यूटी पर की नींद दोनों गायब हो चुकी थी.

उधर समोसा महासंघ के उपाध्यक्ष ने कहा है समोसा एक घरेलु उद्योग है, और ये स्टैंड अप इंडिया को भी समर्थन करता है. क्योकिं समोसा बनाने वाले से लेकर बेचने वाले से लेकर खाने वाले तक सब खड़े खड़े होता है. इस लिए हम समोसों के ठेला को बंद नहीं होने देंगे. और इसके लिए हम आन्दोलन करेंगे.

समोसा उद्योग को अगर किसी से खतरा है तो वो है पिज्जा. लोग पिज्जा खाने को स्टेटस सिंबल समझने लगे हैं. मगर पिज्जा खा खा कर मोटे होते जा रहे हैं. मगर समोसा खाकर किसी को मोटे होते देखा है किसी ने? पिज्जा विदेशी चीज है, भले हि उसका उत्पादन देश में होता है तो क्या हुआ? भले हि उसमे प्रयोग होने वाले प्याज, मिर्च, नमक, घी, डालडा, मैदा देश में पैदा होता है तो क्या हुआ, मगर पिज्जा है तो विदेशी चीज.

हम पिज्जा के विरोध में रैली निकालेंगे और सड़क जाम करेंगे.  हम पिज्जा का पुतला दहन भी करेंगे. भारत में विदेशियों की कोई जरुरत नहीं है. जिसे पिज्जा खाना है वो भारत छोड़ कर चला जाए, जिसे भारत में रहना है उसे समोसा खाना ही पड़ेगा.  ये देश साधू संतों बाबा जी का भी है. बाबा जी भी कहते थे, समोसा के साथ हरी चटनी खाओ. अब हरी चटनी तो समोसा के साथ ही खायी जा सकती है. पिज्जा के साथ तो लाल चलती, टोमेटो की चटनी मिलती है, पिज्जा विदेशी है, हम उसका विरोध करेंगे…. एक साँस में इतना लम्बा भाषण देने के कारम उपाध्यक्ष महोदय को खाँसी आ गयी, वो रुक कर पानी पिने लगे.

उपाध्यक्ष महोदय को चुप होता देख कर अध्यक्ष महोदय भाषण देना शुरू कर दिए , अगर इस देश में कोई पिज्जा दिख गया तो हम उसके टुकडे टुकड़े कर देंगे. उनसे पूछा गया की पिज्जा के कितने टुकड़े करेंगे? उन्होंने अनाप स्नेप डॉट कॉम के पत्रकार ख्याली बाबा को बताया की कम से कम बोटी बोटी तो कर ही देंगे, मगर हमें हिंसा पसंद नहीं है. अध्यक्ष महोदय को जब बताया गया की पिज्जा पहले से ही आठ टुकड़ों में आता है तो अध्यक्ष महोदय बोल पड़े, हम उस व्यक्ति को जरुर सम्मानित करेंगे जो पिज्जा के आठ टुकड़े कर डालता है.

तब तक उपाध्यक्ष महोदय ने पानी पि लिया था, वो फिर से नारा लगाने लगे , अगर देश में रहना है तो समोसा खाना पड़ेगा, नहीं तो देश से जाना पड़ेगा…

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