जो चीज़ आपके पास नहीं है, उसे देने का वादा आप कैसे कर सकते हैं: अल्केमिस्ट

“जो चीज़ आपके पास नहीं है, उसे देने का वादा आप कैसे कर सकते हैं?”  अलकेमिस्ट किताब के अन्दर मौजूद ढेर सारे Quotes में से ये Quote मैंने चुना है. कारण अक्सर कई लोगो के मुंह से सुनता हूँ, मैं उसकी मदद तो करना चाहता हूँ मगर क्या करू खुद मजबूर हूँ..इत्यादी, इत्यादी. इस किताब में ऐसे अनेक उद्धरण है जिनका प्रयोग किसी ना किसी सन्दर्भ में किया जा सकता है.

किताब का नायक जिस तरह से अपने सपने को पूरा करने के लिए कदम दर कदम आगे बढ़ता है और उसके सपने को पूरा करने के लिए सारी कायनात उसकी कदम दर कदम मदद करती है, उससे एक चीज़ और समझ आती है की भगवन भी उसी की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करता है.  शाहरुख़ खान की फिल्म  “Om Shanti Om” का ये डायलॉग “अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो सारी कायनात उसे तुम से मिलाने में लग जाती है” इसी किताब से ली गयी हुई लगती है. ये अलग बात है की मैंने फिल्म पहले देखी थी और किताब अब पढ़ा. 😉

इस किताब के बारे में कुछ भी कहना सूरज को दिया दिखाने जैसा ही है. कारण की जो चीज़ पहले से ही विश्व विख्यात हो उसकी बड़ाई में कसीदे पढ़ने का मतलब है की आप सिर्फ वही चीज़ दोहरा सकते हैं, जिसके बारे में दुनिया पहले से जानती है.

कमलेश्वर जी की कोई भी रचना पहले कभी नहीं पढ़ी है.  इस अनुवाद के जरिये उनको पहली बार पढ़ा, इसके पहले नाम सूना था.  किताब जरुर पढ़े. हो सकता है इसमें आपको भी कोई ऐसा Quote मिल जाए जिससे आपको लगे की अरे! ये तो मेरे लिए ही है. जैसा की मैंने अपने वाले का उल्लेख किया है.

 

 

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