काला बिल्ला और बिल्डिंग उसके बॉडी की – पार्ट 1

बिल्ला अपने काले कारनामो के कारण जल्द ही काला बिल्ला के नाम से मशहूर हो चूका था. मगर उसके मेट्स उसकी इस कुख्यात मशहूरी से इतने जलने लगे की परिणामस्वरुप उन्होंने मिल कर रूम में उसकी जबर कुटाई कर दी. हड्डी पहलवान टाइप काला बिल्ला को उसके तगड़े मुस्टंडे दोस्तों ने जम कर रगडा था.

काला बिल्ला एक कोने में दुबक कर सुसुक सुसुक को कर खूब रोया. वो सोंचने लगा काश वो मोटा ताजा होता तो कोई उसे इस तरह ने नहीं पिट सकता था. अगर बचपन से ही उसने पिज़्ज़ा बर्गर का सेवन किया होता तो आज वो किसी मोटे भैंसे से कम नहीं होता. उसे अपने कंचन जैसी काया पर बहुत तरस आने लगा. मगर तभी उसकी अंतरात्मा से मरी मरी से आवाज आई. “मोटा भैंसा तो तुम अभी भी बन  सकते हो! उसके लिए खुब खाओ, पियो,  कसरत करो, जिम जाकर बॉडी बनाओ!”

काला बिल्ला को अपने अंतरात्मा की आवाज बहुत पसंद आयी, उसने निश्चय किया की वो अपने बॉडी की बिल्डिंग करेगा. और दुनिया को दिखा देगा अगर इंसान कुछ ठान ले तो वो उसे कर के दिखा सकता है. और वो आज से नहीं, कल से जिम जाएगा.  क्योकिं मार खाने के बाद उसके शरीर का कोना कोना दर्द से कराह रहा है, पहले वो अपने पुरे बदन को गर्म पानी से सेंकेगा, उसके बाद ही वो जिम जाने के कार्य का शुभारम्भ करेगा. वैसे भी किसी भी शुभ कार्य में हल्दी लगाना शगुन का काम होता है. और जिस तरह से उसका बदन दर्द से टूट रहा है, उसमें हल्दी लगाना ही पड़ेगा और हल्दी लगाने के पहले, हल्दी में चुना भी मिलाना पड़ेगा.

जिम जाने का मतलब होता है खूब मेहनत करना,  काला बिल्ला ने ढंग का जिम ढूँढने के लिए भी काफी मेहनत की. गूगल, फेसबुक, ट्विटर, गूगल मैप, यहाँ तक की उसने अपने होस्टल की खिड़की से भी झांक कर देखा,  मेरे घर के पास कौन सा जिम है? मगर इन सबसे उसे कोई भी पता नहीं मिल पाया.

जब वो  कोल्लेज के बाहर के पान के दूकान पर, जहाँ वो बड़ी गोल्ड फ्लैक को आधा तोड़ कर छोटी गोल्ड फ्लैक के जैसे पीता था, जिम के बारे में  पूछा तो पान वाले भईया ने बताया की, वो आगे तीसरी गली के अन्दर जाओगे तो , अन्दर जाने के पचास कदम चलने के बाद एक बिजली का खम्भा आएगा,   खम्भे के पास नहीं रुकना हैं,  वहाँ से सत्रह कदम और आगे जाओगे तो बाएं तरफ एक चौड़ी सी गली मिलेगी, उस गली के दूसरी तरफ देखना, माने की रोड के दूसरी तरफ देखना, वहाँ एक पतली गली दिखाई देगी, उस पतली गली में सीधे चले जाना, ना दायें देखना, ना बाएं देखना, एकदम सीधे चले जाना. जहाँ पर गली खतम होगी, वहाँ से मेन रोड शुरू हो जायेगा, वहीँ कोने पर एक पान का दूकान है, वो मेरे फूफा के भाई के बेटे के लंगोटिया यार के बाप की दूकान है. उसको इन सब के बारे में पूरा पता होता है. मुझे जिम ज़ूम के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता, लेकिन वो तुमको पक्का सब बता देगा. बनारसी पान की कसम.  हई लो अपना फेवरेट बड़ी गोल्ड…और शाम तक पीछे का सारा उधारी चुका देना.

काफी भटकते-भूटकते काले बिल्ले को एक जिम का पता मिल ही गया, और वो पहुँच गया अपनी बॉडी की बिल्डिंग करने . . . ..

 

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