काला बिल्ला और कुत्ते का बच्चा

मैं, यानी काला बिल्ला जैसे ही गली से बाहर निकला तो मेरी जान में जान आई. मेरे सारे कपडे अभी अभी गंदे ही थे, क्योंकि मैं गली के अन्दर सुसु से बनी कीचड़ में गिर गया था.

बाहर आकर मैं सोंचने लगा की क्या करू क्या ना करू. कहाँ जाऊं किस को मुंह दिखाऊ. इस कीचड़ लगी मुंह को कोई पहचान पायेगा या नहीं पायेगा. तभी मेरी नजर बगल में लगे म्युनिसिपेलती के नल पर पड़ी, जहाँ से पानी निकल रहा था. मैं नल के पास गया और पानी लेकर अपना चेहरा धोने लगा.

नल के आस पास पानी बिखरा पड़ा था और ढेर सारा कीचड़ हो गया था. उसी कीचड़ में एक कुतिया पानी पि रही थी और उसके अगल बगल में ढेर सारे कुत्ते के बच्चे भी पानी पि रहे थे. कुत्ते के बच्चे देखने में बहुत ही प्यारे लग रहे थे, जैसा मैं बचपन में प्यारा लगता था.

कुत्ते वफादार होते हैं इस लिए मेरी बचपन से ख्वाहिश थी की मैं किसी कुत्ते को अपना दोस्त बनाऊं. आज जब मैंने इन नन्हे मुन्हे पिल्लों को देखा तो मेरा जी मचल उठा.  मैं वही बैठ गया और उनको पुचकारने लगा, ‘आतुह आव आव’ च्च्च्च आतुह…

मेरी पुचकार सुन कर सारे पिल्लै मेरे पास आकर उछल कूद मचाने लगे. एक पिल्लै ने तो अपनी एक टांग उठाई और मेरे पैर पर सुसु भी कर दिया. सारे पिल्लै मेरे आगे पीछे कूँ कूँ कर के ऐसे उछल कूद रहे थे मानो बोल रहे हों, भैया आ गए… भैया आ गये…

मैंने एक पिल्लै को जैसे ही गोद में उठाने लगा वहीँ पास खडी कुतिया मुझपर जोर से गुर्राने लगी, मैंने डर कर पिल्लै को वापस वहीँ जमीन पर रख दिया.   वो कुतिया अब गुर्राने के बजाय भौंकने लगी थी. मुझे तो डर लगने लगा की कहीं मुझे काट ना ले. कुत्ते के काटने पर चौदह इंजेक्शन लगते हैं, कुतिया के काटने पर तो ज्यादा ही लगते. और अपनी माँ की देखा देखी बाकी के कुत्तों के पिल्लों ने अगर भंभोड़ लिया तो कुत्ते पालने का शौख कुत्तों से डरने वाला फोबिया में बदल जाएगा.

इसी सोंच के साथ मैं इतना डरा की मैं अपने पैरों पर खड़ा ना रह सका और चक्कर खाकर वही गिर पड़ा. मेरे निचे गिरते ही सारे पिल्ले मेरे ऊपर चढ़ कर कूदने लगे. एक पिल्लै ने तो मेरे मुंह भी चाट लिया. मुंह चाटने के बाद इतनी गन्दी बदबू आई की वो पिल्ला वही उल्टियाँ करने लगा. वो तो गनीमत थी की उसने मेरे मुंह पर उलटी नहीं की.

मेरे निचे गिरते हि कुतिया का ध्यान थोड़ी देर के लिए इधर उधर भटका, तभी मैं फटाक से उठ कर खड़ा हुआ और आव देखा ना ताव, एक पिल्लै को उठाया और भाग खड़ा हुआ. मेरा ऐसा करते हिन् बाकी के पिल्लै मेरे पीछे चिल्लाते हुए दौड़ पड़े, भैया ! भैया ! हमें भी ले चलो.. उसे ले जा रहे हो, हमें छोड़ दे रहे हो…ऐसा उसमे क्या है जो हमारे में नहीं है….

पीछे दौड़ते हुए वो मेरे पेंट को पकड़ कर खींचने लगे…मैं अपनी जान बचाने के लिए बचाओ बचाओ चिल्लाने लगे. मेरी चीख सुनते ही राह चलते कई लोग मदद के लिए दौड़े और मेरे पास आकर मुझे पकड़ लिया और पीटने लगे….उन सभीको यही लगा की मैं कुत्ते के बच्चे का अपहरण कर के भाग रहा हूँ, इसलिए बाकी के पिल्लै मेरे पीछे पड़े हुए हैं. इस मार कुटाई में वो पिल्ला मेरे हाथ से छुट कर भाग खड़ा हुआ.

पिल्लै के भागते हि लोग मुझे मारना छोड़ कर अपने अपने काम में लग गये, और मैं वहीं सड़क किनारे पड़ा अपने जख्मो को सहला रहा था…………

 

 

 

 

 

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