शराबबंदी मंजूर, मगर खैनी बंदी हुआ तो बवाल हो जायेगा

“सरकार ने शराब बंद किया तो किया, अगर खैनी बंद किया तो बवाल हो जाएगा” कल्लू काका ने खैनी रगडते हुए कहा था.

गाँव के चौपाल आम के पेंड के छांव के निचे अपनी खटिया बिछा कर भरी दुपहरी में काका सुस्ता रहे थे. बगल में उनकी भैसिया ने गोबर कर दिया था, जिसपर मक्खियाँ अपने पुरे बिरादरी के साथ भिनभिना रही थी. दोपहर की सुस्ती काका के आँखों में चढ़रही थी और रह रह की उन्हें झपकी आ रही थी. इसी सुस्ती को मिटाने के लिए काका ने अपनी धोती में खोंसी हुई चुनौटी निकाली, उनमें से खैनी चुना निकाल कर खैनी रगड़ना शुरू किये थे. दूर से आते हुए बहारन चाचा ने आवाज लगाई- तनी हमरो लिए भी बनsइह  हो!!

बहारन चाचा  कल्लू काका के पास आकर उनके खटिया पर अपने गमछे से मक्खियाँ उड़ाते हुए बैठ गये. बैठने के पहले बहारन चाचा ने मक्खियों को गाली दे डाली,  “ससुरी जरा सा गोबर देखि नहीं की लगती है सब भिन्नाने…” फिर काका के तरफ मुखातिब होकर बोले – “बतावा, आदमी त आदमी ससुर के नाती जानवरों भी जियल मुहाल कर दिहा है.”

कल्लू काका पहले से ज्यादा, डबल खैनी रगडते हुए पूछे “अरे का हुआ बुहारना, भरी दुपहरिया में काहे पाठ कर रहे हो गाली का” कालू काका के इतना पूछते ही बुहारन चाचा फट पड़े, “अरे उहे नितिशवा, पहले त शराब बंद क दिया था. आ अब नया कानून बनाया है की बिहार त बिहार बिहार के बाहरो कवनो बिहारी दारु पि ओकर नौकरी चली जाए. अब तुही बतावा की बिहार के बाहर कवनो दारु पीयेगा तो इनको कैसे पता लगेगा. ई कैसे सूंघ लेंगे की कवन दारु पिया है और कवन दारु नहीं पिया है?”

“अरे आपको का लगता है की क़ानून का सिर्फ हाथ ही लम्बा होता है, अरे उसका नाक भी लम्बा होता है. दुरही से सब सूंघ लेगा” काका बोले.

“अरे दारु बंद किया आज, कल बीडी-सिगरेट, तम्बाकू-खैनी सब पर न खतरा मडरा रहा है. एक एक कर के सब बंद ना कर दे. ”

“सरकार ने शराब बंद किया तो किया, अगर खैनी बंद किया तो बवाल हो जाएगा” कल्लू काका ने खैनी रगडते हुए कहा था.-“शराब के पक्ष में तो हम भी नहीं हैं, मगर खैनी बंद हुआ तो हम भी चुप नहीं बैठेंगे. अब देखो तुम शराब पि पि के अपना जिंदगी ख़राब कर लिए की नहीं. मगर हम खैनी खाके का किये? ना कुछ अच्चा किये ना किसी का कुछ ख़राब किये. बस खाली खाए और खाली थूके. हम तो खैनी खा के थूकते थे, तुम्हारे को तो जमाना शराबी कह कर थूकता था. इस लिए शराब के पक्ष में तो हम भी नहीं हैं”

 

 

 

 

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
(Visited 107 times, 1 visits today)