स्मार्टफोन सबके पास है – लघुकहानी

अब तक उसने घर के तीन सदस्यों को स्मार्ट फ़ोन गिफ्ट कर दिए थे. चौथा स्मार्ट फ़ोन खुद उसके पास भी था.

पापा को दिया स्मार्ट फ़ोन उनकी जेब में ही पड़ा रहता था, कभी कभार फ़ोन निकाल कर वो कुछ फोटो भी खिंच लेते हैं कभी. मगर गैलरी में जाकर उन फोटोज को कैसे देखना है, ये नहीं समझ पाए थे? उनके स्मार्ट फ़ोन पर किसी का फ़ोन नहीं आता कभी तो वे भी कभी अपने फ़ोन से फ़ोन नहीं कर सके.

मम्मी को दिया स्मार्ट फ़ोन हमेशा चार्ज में लगा रहता था. मगर चार्जर का स्विच हमेशा ऑफ ही रहता. मम्मी को हमेशा शिकायत रहती की ये फ़ोन कभी जो फुल चार्ज रहता. किसी को फ़ोन करना हो तो वो आस पास मौजूद किसी को भी कहती, जरा इसको या उसको फोन लगा देना..फ़ोन पर बात हो जाने पर फ़ोन के दुसरे तरफ मौजूद व्यक्ति से कह देती, अच्चा रखती हूँ, फोन काट दो उधर से … फ़ोन आने पर फ़ोन को स्लाइड कर के रिसीव जरुर कर लेती थी. माँ के ही फोन पर, फ़ोन करने वाला पापा से भी बात कर लेता था.

पत्नी को भी स्मार्ट फ़ोन गिफ्ट किया था. पत्नी को स्मार्ट फ़ोन में रेड बटन, ग्रीन बटन पता था. जरुरत पड़ने रेड बटन या ग्रीन बटन का प्रयोग करने के बाद वो स्मार्ट फ़ोन किसी कोने ठीक वैसे ही पड़ा रहता था जैसे घर के शो केस में शो पिस पड़ा रहता था.

चौथा स्मार्ट फोन का प्रयोग करने वाला शख्स वो खुद था. उसने अपने मोबाइल में फेसबुक, ट्विटर, ईमेल, व्हाट्स एप्प, स्काइप, आईएमओ और ना जाने क्या क्या इनस्टॉल कर रखा था. उसके स्मार्ट फ़ोन में इतने सारे नोटिफिकेशंस आते की वो खुद सारे नोटिफिकेशंस चेक नहीं कर पाता और जिन नोटिफिकेशंस को वो चेक नहीं कर पाता, उन सबको अपने स्मार्ट फ़ोन पर स्लाइड कर के साइड कर दिया करता.

उसके घर के चार सदस्य हैं और स्मार्ट फ़ोन सभी के पास है.

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